कांग्रेस के G-23 नेताओं ने पार्टी आलाकमान के खिलाफ भरी हुंकार
नई दिल्ली
बिना कहे ही बात कह जाना, सियासत की एक यह भी अदा है। सियासतदां कई बार प्रतीकों के जरिए बिना कुछ कहे ही अपनी बात कह जाते हैं। दिल्ली से दूर जम्मू में शनिवार को जब कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के समूह 'G-23' ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ एक तरह हुंकार भरी तब उनके शब्दों से कहीं ज्यादा गहरे और मायने वाले उनके प्रतीक थे। सब कुछ जैसे संकेतों में था। गांधी ग्लोबल का मंच, नेहरू-गांधी परिवार वाले गांधी नहीं, महात्मा गांधी। बैनर से सोनिया या राहुल गांधी की तस्वीरें नदारद थीं। एक और खास बात यह रही कि सभी के सिर पर भगवा पगड़ी बंधी हुई थी। यह महज संयोग है या फिर प्रतीक? कांग्रेस के बागी नेताओं के भगवा पगड़ी पहनने से सवाल उठना लाजिमी है।
इस दौरान पार्टी के शीर्ष नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कमजोर हुई है और हमें इसे मजबूत करने की जरूरत है. इस बात को हमें स्वीकार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब आप प्लेन में जाते हैं तो आपको चलाने वाले के साथ-साथ एक इंजीनियर की भी जरूरत होती है जो इसका तकनीक के बारे में जानता हो. गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के लिए इसी भूमिका में हैं. वह देश के सभी राज्यों की जमीनी हकीकत जानते हैं.
देश और कांग्रेस को गुलाम नबी के मार्गदर्शन की जरूरत
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि आजाद एक संकल्पित कांग्रेसी नेता हैं. आजाद उन नेताओं में से हैं जो कांग्रेस को समझते हैं. कांग्रेस और यह राष्ट्र दोनों को ही गुलाम नबी आजाद के दिशानिर्देश और मार्गदर्शन की जरूरत है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी प्रदेश को बांटकर दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए हैं. जम्मू कश्मीर को बांट दिया गया और हम इसके लिए लड़ते रहेंगे.
G-23 नहीं, गांधी-23: राज बब्बर
कांग्रेस नेता राजबब्बर ने कहा कि लोग हमें जी-23 कहते हैं लेकिन मैं आपको बता दूं कि हम गांधी-23 हैं. और गांधी-23 कांग्रेस की मजबूती चाहता है. पार्टी के आदर्शों के चलते गुलाम नबी आजाद बड़े बने. उनके रिटायरमेंट पर पीएम मोदी भी भावुक हो गए थे. आजाद ही सही मायनों में लोकतांत्रिक हैं. कांग्रेस वो पार्टी है जहां हर किसी की सुनवाई होती है. यह गांधीवादियों और कांग्रेसियों की संस्कृति और परंपरा रही है.
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि और नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होना चाह रहे थे लेकिन मैंने उन्हें मना किया मैंने कहा कि लोग अटकलें लगाने लगेंगे. मैंने उन्हें अगली बार आने के लिए कहा. इस दौरान उन्होंने आनंद शर्मा,भूपेंद्र सिंह हुड्डा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई सीनियर नेता जो यहां मौजूद हैं इन लोगों ने संसद में जम्मू कश्मीर के लोगों की आवाज उठाई है.
ससंद से रिटायर हुआ हूं, राजनीति से नहीं: आजाद
इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं संसद से रिटायर हुआ हूं. राजनीति से नहीं. और यह पहली बार नहीं है. यह चिंता की बात नहीं है. मैंने कई बार जबरदस्त वापसी की है. मैं पीएम मोदी समेत उन सभी लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जिन्होंने मेरी प्रशंसा की थी.
गुलाम नबी आजाद के सम्मान में कांग्रेस नेता व राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद ने कहा कि, कौन कह रहा है कि आजाद साहब रिटायर हुए हैं? लोगों को भ्रम में नहीं रहना चाहिए. वह सक्रिय रहेंगे. हम चाहते हैं कि वह राजनीति में सक्रिय रहें.
क्या है जी-23
एक समय में कांग्रेस के 23 नेताओं ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे. इन्हें G-23 के नाम से भी जाना जाता है. जम्मू पहुंचने वालों में हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व यूपी कांग्रेस प्रमुख राज बब्बर, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल शामिल हैं.

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