Wednesday, October 21st, 2026

कलेक्टर को करना होगा सड़क हादसों का मौका मुआयना

भोपाल
प्रदेश में होने वाले बड़े सड़क हादसों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को भी मौका मुआयना करने के लिए जाना होगा। इस संबंध में दो साल पुराने आदेश का एडीजी पीटीआरआई ने हवाला देकर उन्हें ऐसे हादसों वाले स्थल पर जाने की याद दिलाई है। इस संबंध में एडीजी ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है।  सरकार ने लगभग दो साल पहले जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की उपसमिति बनाई थी। इस उपसमिति में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को भी शामिल किया गया था।

एडीजी पीटीआरआई डीसी सागर ने प्रदेश में हुई पिछले तीन साल के सड़क हादसों की स्टडी की, जिसमें पाया गया कि उपसमिति के पदाधिकारी कई बार हादसों वाले स्थल का निरीक्षण करने के लिए नहीं जाते हैं। कई ऐसे स्थल है जहां पर बार-बार हादसे होते हैं और लोगों की मौत भी हो रही है। ऐसे में एडीजी ने सभी कलेक्टरों और एसपी को दो साल पुराने आदेश की याद दिलाते हुए उन्हें ऐसे स्थलों का निरीक्षक करने और शासन को प्रतिवेदन भेजने को कहा है।

अक्टूबर 2018 में परिवहन विभाग ने एक आदेश जारी किया था। जिसमें जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की उपसमिति का गठन किया था। इस उपसमिति में कलेक्टर अध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक उपाध्यक्ष बनाए गए थे। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधीक्षक यंत्री, जिला परिहवन अधिकारी सदस्य हैं और ट्रैफिक पुलिस के इंचार्ज को सदस्य सचिव बनाया गया था। इस उपसमिति को निर्देशित किया गया था कि गंभीर सड़क दुर्घटना में मौत होने पर इन लोगों को दुर्घटना स्थल का भ्रमण के साथ ही बैठक कर दुर्घटना के संबंध में शासन को प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा। जिसमें दुर्घटना का वास्तविक कारण, दुर्घटना स्थल पर सड़क निर्माण-रख रखाव आदि में कोई कमी हो तो उसे विभागीय अधिकारी, ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित करना। दुर्घटना की रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना होगी।

दो साल पहले के उस आदेश के हवाला देकर सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को लिखा गया है कि गंभीर हादसे वाले स्थान का निरीक्षण करें। हादसा यदि सड़क निर्माण की खामी के कारण हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय करने और उस स्थान पर फिर से कोई हादसा न हो इसे लेकर प्रतिवेदन देना होता है।
डीसी सागर, एडीजी पीटीआरआई

 

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Source : Agency

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