ओडिशा के मयूरभंज के जंगलों में 10 दिन से धधक रही भीषण आग, रॉयल फैमिली की गुहार पर ऐक्शन में केंद्र सरकार
मयूरभंज
ओडिशा के मयूरभंज स्थित सिमलीपाल नैशनल पार्क में बीते करीब 10 दिनों से भीषण आग धधक रही है। आग इतनी भीषण है कि पार्क की 21 रेंजों में से 8 को अपनी चपेट में ले चुकी है और हर दिन आगे बढ़ रही है। हैरानी की बात है कि देश का 7वां सबसे बड़ा जीवमंडल संरक्षित क्षेत्र इतने दिनों से धधक रहा है और इसकी कहीं कोई चर्चा भी नहीं है। मंगलवार को मयूरभंज रॉयल फैमिली की राजकुमारी अक्षिता भंजदेव ने इसको लेकर ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने मांग की कि मयूरभंज में भी लगी आग पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की है कि वे आगे आएं और सरकार से अपील करें कि इसे कंट्रोल करने के प्रयास किए जाएं।
रॉयल फैमिली ने किया बड़ी साजिश की ओर इशारा!
अक्षिता ने ट्वीट किया, 'मयूरभंज के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से भीषण आग लगी हुई है। एक हफ्ते पहले यहां के जंगलों में 50 किलो हाथी दांत बरामद हुए थे। उससे पहले एक स्थानीय युवक ने यहां चल रहे खनन और लकड़ी माफियाओं के गैंग के बारे में पर्दाफाश किया था। हालांकि कुछ सरकारी चैनलों को छोड़ दें तो नैशनल मीडिया में इस घटना को पूरी तरह ब्लैकआउट कर दिया गया है।'
शिकारियों ने शिकार के लिए जंग को किया आग के हवाले?
बताया जा रहा है कि यह आग शिकारियों ने लगाई है जिसकी आड़ में जंगल के दूसरे हिस्से में शिकार किया जा सके। इसे एक तरह से वन विभाग के इंटेलिजेंस की नाकामी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राजकुमारी अक्षिता के ट्वीट पर ऐक्शन में केंद्र सरकार
हालांकि अक्षिता के ट्वीट के बाद केंद्र सरकार भी ऐक्शन मोड में आ गई है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट किया, 'सिमलीपाल के जंगलों में लगी आग के बारे में जानकर हैरान हूं। मैं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से अपील करता हूं कि वह इस ओर तुरंत ध्यान दें।' धर्मेंद्र प्रधान के ट्वीट पर जावड़ेकर ने अधिकारियों को जांच करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
2750 वर्ग किमी में फैला है सिमलीपाल नैशनल पार्क
बता दें कि सिमलीपाल नैशनल पार्क 2750 वर्ग किमी में फैला है और यहां मयूरभंज ऐलिफैंट रिजर्व और सिमलीपाल टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्र हैं। इस नैशनल पार्क में बंगाल टाइगर, एशियन ऐलिफैंट, गौर और चौसिंघा की अच्छी-खासी तादाद है। नैशनल पार्क में जोरांडा और बड़ेहीपानी वॉटरफॉल्स भी हैं। यूनेस्को ने साल 2009 में सिमलीपाल को वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फियर रिजर्व्स की लिस्ट में शामिल किया था। मंगलवार को मयूरभंज रॉयल फैमिली की राजकुमारी अक्षिता भंजदेव ने इसको लेकर ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने मांग की कि मयूरभंज में भी लगी आग पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की है कि वे आगे आएं और सरकार से अपील करें कि इसे कंट्रोल करने के प्रयास किए जाएं।
रॉयल फैमिली ने किया बड़ी साजिश की ओर इशारा!
अक्षिता ने ट्वीट किया, 'मयूरभंज के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से भीषण आग लगी हुई है। एक हफ्ते पहले यहां के जंगलों में 50 किलो हाथी दांत बरामद हुए थे। उससे पहले एक स्थानीय युवक ने यहां चल रहे खनन और लकड़ी माफियाओं के गैंग के बारे में पर्दाफाश किया था। हालांकि कुछ सरकारी चैनलों को छोड़ दें तो नैशनल मीडिया में इस घटना को पूरी तरह ब्लैकआउट कर दिया गया है।'
शिकारियों ने शिकार के लिए जंगल को किया आग के हवाले?
बताया जा रहा है कि यह आग शिकारियों ने लगाई है जिसकी आड़ में जंगल के दूसरे हिस्से में शिकार किया जा सके। इसे एक तरह से वन विभाग के इंटेलिजेंस की नाकामी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राजकुमारी अक्षिता के ट्वीट पर ऐक्शन में केंद्र सरकार
हालांकि अक्षिता के ट्वीट के बाद केंद्र सरकार भी ऐक्शन मोड में आ गई है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट किया, 'सिमलीपाल के जंगलों में लगी आग के बारे में जानकर हैरान हूं। मैं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से अपील करता हूं कि वह इस ओर तुरंत ध्यान दें।' धर्मेंद्र प्रधान के ट्वीट पर जावड़ेकर ने अधिकारियों को जांच करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
2750 वर्ग किमी में फैला है सिमलीपाल नैशनल पार्क
बता दें कि सिमलीपाल नैशनल पार्क 2750 वर्ग किमी में फैला है और यहां मयूरभंज ऐलिफैंट रिजर्व और सिमलीपाल टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्र हैं। इस नैशनल पार्क में बंगाल टाइगर, एशियन ऐलिफैंट, गौर और चौसिंघा की अच्छी-खासी तादाद है। नैशनल पार्क में जोरांडा और बड़ेहीपानी वॉटरफॉल्स भी हैं। यूनेस्को ने साल 2009 में सिमलीपाल को वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फियर रिजर्व्स की लिस्ट में शामिल किया था।

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