उत्तराखंड: ग्लेशियर टूटने और बादल फटने से आगरा मंडल में हाई अलर्ट
आगरा
उत्तराखंड के चमोली में नंदादेवी ग्लेशियर टूटने और बादल फटने से कासगंज जिले में भी बाढ़ की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। सिंचाई विभाग की टीमें तटवर्तीय क्षेत्रों में निगरानी को लगाई गई है। रविवार की सुबह लगभग 10 बजे उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने और बादल फटने से मौली और जोशीमठ के आस पास बांध भी प्रभावित हुआ है। इससे जिले में बह रही गंगा नदी में भी पानी का दबाब बढ़ेगा। किसी भी प्रकार की काेई अनहोनी न हो इसके लिए तैयारियां की गई है। सरकार के आदेश पर जिलाधिकारी सीपी सिंह ने जिले में हाई अलर्ट किया है। प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों एवं राजस्व, सिंचाई विभाग को अलर्ट रहने के साथ-साथ गंगा के जल स्तर पर नजर बनाए रखने एवं तटबंधों की निगरानी के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने गंगा के तटवर्तीय क्षेत्रों में निगरानी के लिए टीमें लगाई है। जिले में सतर्कता बरती जा रही है।
बनाया गया बाढ़ नियंत्रण कक्ष
उत्तराखंड में नंदादेवी ग्लेशियर फट जाने से जिले में बाढ़ की आशंका के चलते पीएलजीसी कार्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिस पर तीन पाली में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का मोबाइल नंबर 8868016669 है। डीएम सीपी सिंह ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारियों को निर्देश दिए है कि वह पूरी सजगता के साथ ड्यूटी का निर्वहन करे। पूरे जिले में अलर्ट किया गया है। राजस्व, प्रशासन, पुलिस, सिंचाई विभागों को अलर्ट रहने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में गंगा की निगरानी के निर्देश दिए गए है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

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