इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट समस्या से निपटने लोगों को किया जा रहा जागरुक
रायपुर
क्लीन टू ग्रीन कैम्पेन के तहत राजधानी रायपुर के आरडब्ल्यूए, स्कूल, कॉलेज, थोक उपभोक्ता, अनौपचारिक क्षेत्र और खुदरा विक्रेताओं के लगभग 2500 से अधिक लोगों को ई-वेस्ट हैंडलिंग और डिस्पोसल के उपयोग में बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और यह अभियान मार्च माह तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य जिम्मेदार संगठनों के साथ भागीदारी करके इलेक्ट्रॉनिक्स के जिम्मेदार निपटान और रीसाइक्लिंग के लिए सुरक्षित प्रथाओं के बारे में जागरूकता और संवेदनशीलता पैदा करना है।
क्लीन टू ग्रीन अभियान के बारे में आरएलजी इंडिया के प्रबंध निदेशक राधिका कालिया ने बताया कि क्लीन टू ग्रीन कैम्पेन की शुरूआत पिछले साल 16 मई और 31 दिसंबर 2020 तक चलाया गया जिसमें पूरे देश के लगभग 28 शहरों में 2,06,176 तक पहुंचकर वहां के लोगों को 199 गतिविधियों के बारे में लोगों को विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए उन्हें जागरुक किया। इसी के तहत राजधानी रायपुर में भी क्लीन टू ग्रीन कैम्पेन की शुरूआत की गई जिसमें मॉर्निंग ग्लोरी स्कूल के 200, सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल के 200, गवर्नमेंट नवीन कॉलेज के 276 बच्चों व जेएन पांडेय गवर्नमेंट मल्टीपर्पज हायर सेकेंडरी स्कूल के 800 बच्चों के बीच आॅनलाइन वेबिनार का आयोजन कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट समस्या से के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसी प्रकार रविभवन व गोलबाजार के लगभग 100 खुदरा विक्रताओं व 25 थोक उपभाक्ताओं के बीच पहुंचकर उन्हें ई-वेस्ट हैंडलिंग और डिस्पोसल के बारे में जानकारी दी गई। वहीं चंगोराभाठा में 1600, कुशालपुर में 50 व औद्योगिक क्षेत्र उरला के अनौपचारिक क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को ई-कचरे के निपटान के बारे में जागरूक किया गया।
राधिका ने बताया कि व्यक्तियों और पेशेवरों में यह समझ बढे कि इलेक्ट्रॉनिक्स का उचित निपटान और रीसाइक्लिंग एक राष्ट्रीय मुद्दा है और आम जनता के बीच ई-कचरे के निपटान के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं होना यह एक गंभीर समस्या है। इसी तहत आम जनता को क्लीन टू ग्रीन कैम्पेन के तहत इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट समस्या से निपटने के लिए जागरुक किया जा रहा है। इस अभियान को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेटी) से प्रोत्साहन और समर्थन मिला है।

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