आईटी कंपनियां बंद करें 'वर्क फ्रॉम होम', हो रहा है नुकसान: बीजेपी सांसद
बेंगलुरु
अब बीजेपी के एक सांसद ने 'वर्क फ्रॉम होम' पर सवाल उठाते हुए इसे खत्म करने की मांग की है। उनका कहना है कि, इससे कई अन्य क्षेत्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोरोना महामारी ने ना सिर्फ लोगों के जीवन को बदला है बल्कि उसके काम करने के तरीकों को भी बदल दिया है। देश में इस समय लाखों निजी और सरकारी कर्मचारी 'वर्क फ्रॉम होम' यानि घर से काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक, बेंगलुरु सेंट्रल से तीन बार के सांसद मोहन का कहना है कि देश के आईटी निर्यात में एक तिहाई हिस्सेदारी वाले राज्य को 'वर्क फ्रॉम होम' का विकल्प खत्म कर देना चाहिए।
कर्मचारियों को घर से काम करने का विकल्प मिलने की वजह से कई दूसरे सेक्टर जैसे परिवहन कैब, रिक्शा चलाने वालों या होटल और रियल स्टेट मेंटिनेंस सेक्टर के कर्मचारियों पर बहुत गंभीर असर पड़ा है। बीजेपी सांसद ने कहा कि, प्रतिबंध खत्म होने के बाद दूसरे सेक्टर सामान्य काम करने लगे हैं। ऐसे में देश की इकोनॉमी को समान्य बनाने में आईटी सेक्टर से जुड़े कर्मचारी क्यों नहीं योगदान दे सकते हैं? बेंगलुरु जैसे शहरों में टेक वर्कर्स की ओर से किया जाने वाले खर्च से दूसरे सेक्टर चलते हैं। उनकी वजह से कई अन्य सेक्टर में रोजगार छिन गए हैं।
मोहन ने कहा कि वह मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से अपील करेंगे कि वह इंडस्ट्री से बात करें और 'वर्क फ्रॉम होम' को खत्म करवाएं। बीजेपी सांसद ने कहा कि, अगर विमान, ट्रेन और बसें लगभग पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं तो आईटी और बीटी वर्कर्स को काम पर लौटने से क्या रोक रहा है? वे सुराक्षत्मक उपायों के साथ सामान्य प्रक्रिया के तहत काम शुरू कर सकते हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान अधिकतर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे दी थी।

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