Tuesday, October 20th, 2026

आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजन को देंगे सरकारी नौकरी: CM अमरिंदर

 
नई दिल्ली

नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर हजारों की संख्या में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान आंदोनल को दो महीने पूरे होने वाले हैं लेकिन सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद भी कृषि कानूनों पर कोई बीच का रास्ता नहीं निकाला जा सका है। उत्तर भरत में सर्दी सितम भी जारी है, ऐसे में खुले आसमान के नीचे रात बीताने वाले कई किसानों ने ठंड से लड़ते हुए अपनी जान गंवा दी। आंदोलन के दौरान किसानों की मौत पर दुख जताते हुए पंजाब  के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज बड़ा ऐलान किया है।
 
कृषि कानूनों पर शुक्रवार को सीएम अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, 'क्या इस देश में एक संविधान है? कृषि अनुसूची 7 के तहत यह एक राज्य का विषय है। केंद्र ने संसद में चर्चा के बिना इसे क्यों बदल दिया? उन्होंने इसे लोकसभा में पारित कर दिया क्योंकि वे अधिक सदस्य थे राज्यसभा में, यह अराजकता में पारित किया गया क्योंकि उन्हें लगा कि चीजें गलत हो सकती हैं।' बता दें कि इससे पहले भी कई बार अमरिंदर सिंह ने कृषि कानूनों को सरकार का एकतरफा फैसला बताया है।
 
इस बीच किसानों की मौत पर उन्होंने दुख जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने इस आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'मुझे रिपोर्ट मिली कि दिल्ली में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 76 किसानों का निधन हो चुका है। मैं घोषणा करता हूं कि इनमें से जो पंजाब से हैं उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे।' बता दें कि कृषि कानून को लेकर चल रहे संघर्ष के बीच आज किसान संगठनों और सरकार के बीच हुई 11वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही।

 

#CM अमरिंदर

Source : Agency

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