अमले की कमी, फलोद्यान के लिए नहीं बंट पाए एक करोड़
भोपाल
केन्द्र सरकार आदिवासी अंचलों के लिए लगातार राज्य को मदद कर रही है लेकिन प्रदेश के अफसरों ने अमले की कमी बताकर आदिवासी अंचलों में फलोद्यान और नर्सरी के लिए आए एक करोड़ 7 लाख रुपए का उपयोग नहीं किया और यह राशि समर्पित कर दी। अब 6 साल बाद यह राशि इस क्षेत्र के लिए पुनर्आवंटित की गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक आदिवासी उपयोजना में विशेष केन्द्रीय सहायता मद के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में स्वीकृत उद्यानिकी गतिविधियों फलोद्यान एवं नर्सरी की स्थापना, फल-सब्जी एवं मुनगा उत्पादन हेतु परियोजना तामिया को 101 लाख 40 हजार रुपए तथा माडा पाकेट हलगुड़वा को 6 लाख रुपए इस प्रकार कुल एक करोड़ 7 लाख 40 हजार रुपए की राशि पुनर्आवंटित की गई थी। लेकिन उप संचालक उद्यानिकी जिला छिंदवाड़ा ने आदिवासी बीपीएल परिवार बहुत पिछड़े एवं दूरस्थ इलाकों में होने तथा विभाग के पास अमले की कमी बताते हुए कार्य न करते हुए राशि समर्पित कर दी थी।
अब इसी माह उप संचाल उद्यानिकी छिंदवाड़ा ने आदिवासी बीपीएल एवं पट्टाधारी, वन भूमि पट्टाधारी परिवारों को आर्थिक सहायता से उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कार्यक्रम योजना हेतु यह राशि सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला छिंदवाड़ा के खाते में पुनर्आवंटित करने की मांग की थी। उन्हें यह राशि पुनर्आवंटित की गई है। जो वर्ष 20-21 में उपयोग की जाएगी। संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं शैलबाला मार्टिन ने राशि का समय से उपयोग करने और निर्धारित नियमों के तहत उपयोग करने के निर्देश दिए है।

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