Tuesday, October 20th, 2026

अंधेरे में रहने को मजबूर हैं वीआईपी सिटी के 55 परिवार

रायपुर
आरसीपी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा निर्मित वीआईपी सिटी में रहने वाले 55 परिवार पिछले कुछ दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर है क्योंकि बिल्डर राकेश पांडे द्वारा बिजली को 23 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने बिल्डर को इसके लिए पहले से ही रुपये दे चुके है, बिल्डर ने रुपये जमा नहीं किए तो इसमें उनकी क्या गलती है। वे इस संबंध में नियमित बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।

इस संबंध में रहवासियों का कहना है कि राकेश पांडे को मकान निर्माण की शुरूआत में ही बिजली, जलापूर्ति कनेक्शन के संबंध में अलग-अलग 5000, 15000, 25000, 50000, 75000 राशि जमा कराई जा चुकी है। उन्होंने वादा किया गया था कि मकान निर्माण समाप्त होने के बाद ही रहवासियों को स्थाई बिजली कनेक्शन प्रदान किया जाएगा लेकिन मकान निर्माण पूरा होने के 4-5 साल बाद भी वीआईपी सिटी के 50 से अधिक घरों में बिजली का स्थाई कनेक्शन नहीं लग पाया है। इस मामले में लोगों ने बिल्डर से भी बात करने की कोशिश की मगर कोई निर्णय नहीं निकल सका।

रहवासियों का कहना है कि हर माह 5.50 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्रत्येक माह बिजली खपत की राशि वसूली जाती है। रहवासी नियमित रूप से इस राशि को राकेश पांडे को जमा भी करते आए हैं। मगर यह राशि आजतक विद्युत विभाग में जमा नहीं की गई। जिसके कारण 14 जनवरी को विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कनेक्शन काट दिया गया क्योंकि विद्युत विभाग में 23 लाख रुपए का भुगतान शेष है। दो-तीन दिन देखने के बाद भी बिजली आपूर्ति बाहल नहीं की गई तब उन्होंने सीएसईबी कार्यालय पहुंच पता किया तब उन्हें पता चला कि 23 लाख का भुगतान शेष है इसलिए बिजली आपूर्ति बाधित की गई, भुगतान करते ही आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद सभी रहवासी थाने पहुंचकर अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए नियमित आपूर्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

 

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Source : Agency

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