Tuesday, October 20th, 2026

 पीजीआई के हिमेटोलॉजी विभाग के डॉक्‍टर ने खोजा जांच का तरीका 

 लखनऊ 
अब ब्लड कैंसर की जांच रिपोर्ट के लिए 36 से 72 घण्टे इंतजार नहीं करना होगा। अब इसकी पहचान तीन घण्टे में सम्भव है। इससे ब्लड कैंसर की गम्भीर बीमारी एक्यूट प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकीमिया (एपीएमएल)के मरीजों को जल्द उपचार करने में मदद मिली है। यह जांच फ्लो साइटोमेट्री मशीन की मदद से संभव हुई है। फ्लो साइटोमेट्री मशीन में प्रयोग की गई कई एंटी बॉडी में सीडी 34, एचएएलडीआर और सीडी 11 बी निगेटिव आयी है। जिसमें एपीएमएल बीमारी की पुष्टि हुई। एंटी बॉडी आधारित यह जांच क्लीनिकल हिमेटोलॉजी विभाग के डॉ. खलिकुर रहमान ने 60 मरीजों पर शोध कर खोजी है। इस शोध को अंतरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ लैब हिमेटोलॉजी ने स्वीकार किया है। डॉक्टर का दावा है कि इससे करीब 95 फीसदी मरीजों में कैंसर की पहचान संभव है।

ऐसी की जांच
डॉ. खलिकुर रहमान बताते हैं कि एपीएमएल बीमारी की जल्द पहचान के लिए फ्लो साइटोमेट्री मशीन द्वारा एंटी बॉडी का प्रयोग कर मरीजों के खून और बोन मैरो में मौजूद कैंसर कोशिकाओं की मदद से जांच की। जिसमें सीडी 34, एचएएलडीआर और सीडी 11 एंटी बॉडी का निगेटिव आना एपीएमएल का संकेत देता है। जबकि अन्य एंटी बॉडी में भिन्नता पायी गई। तीनों निगेटिव एंटी बॉडी को ट्रिपल निगेटिव प्रोफ़ाइल नाम दिया है।

इस रिपोर्ट की सत्यता परखने के लिए उन्होंने इन मरीजों की साइटो जनेटिज और मॉलिक्यूलर जनेटिज तकनीक से भी जांच की। दोनों रिपोर्ट में समानता पायी गई। इस शोध में कुल 60 मरीजों को शामिल किया है। इसमें 30 मरीज ब्लड कैंसर और 30 सामान्य लोग थे।

 

#जांच का तरीका 

Source : Agency

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