Tuesday, October 20th, 2026

 अजीत की हत्या के लिए आजमगढ़ से दो दिन पहले ही आ गए थे शूटर

 लखनऊ                                   
मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या के लिए आजमगढ़ से दो दिन पहले ही शूटर भेजे गए थे। यह शूटर एक बाहुबली के करीबी की मदद से लखनऊ में रुके थे। तीनों शूटर दो दिन से लगातार अजीत के हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए थे। कठौता चौराहे के पास स्थित उदयपुर टावर के पास अजीत को मोहर के साथ इत्मीनान से खड़ा देख कर तीनों शूटरों ने उन्हें घेर लिया था। 

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शूटरों के निशाने पर अजीत ही थे। उन्होंने अजीत पर हमला करने के लिए जैसे ही असलहे निकाले, अजीत ने कार से अपनी पिस्टल निकाली। यह देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी जिससे उनका शरीर में कई गोलियां जा धंसी थी। इस बीच ही मोहर व एक डिलीवरी ब्वॉय आकाश के भी घायल होने से बदमाश हड़बड़ा गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को यह भी बताया कि दो शूटर जब भागने के लिए बाइक पर बैठे तो तीसरे शूटर ने यह देखने की कोशिश की थी कि अजीत जिन्दा तो नहीं रह गया। इस पर उसके साथियों ने उसे जल्दी भागने को कहा था। 

आधुनिक असलहों से लैस थे
पुलिस का कहना है कि अब तक की पड़ताल में यह पता चला है कि दो शूटरों ने तीन असलहों से गोलियां चलायी है। इसमें दो असलहे नाइन एमएम और एक असलहा 0.32 बोर का था। मौके से नाइन एमएम के 12 खोखे मिलने की बात कही जा रही है। मोहर सिंह ने कुंटु सिंह व उसके साथियों पर ही हत्या करवाने का आरोप लगाया है। 

 

# अजीत की हत्या

Source : Agency

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