दिशा-निकिता-शांतनु ने बनाया टूलकिट- पुलिस ने खोला कच्चा चिट्ठा
नई दिल्ली
किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ (Toolkit Case) सोशल मीडिया पर साझा करने में संलिप्तता के आरोप में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को बेंगलुरू से गिरफ्तार (Disha Ravi Arrest) किया गया है। दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police On Toolkit Case) ने कई परतें खोलीं हैं। दिल्ली पुलिस साइबर सेल के जॉइंट सीपी प्रेम नाथ ने बताया कि दिशा रवि ने पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग तक टूलकिट टेलीग्राम एप के माध्यम से पहुंचाई थी।
किसान आंदोलन के मुद्दे को हथियार बनाकर देश को बदनाम करने और माहौल खराब करने के लिए बनाई गई टूलकिट में दिल्ली पुलिस ने इसे तैयार करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस केस में एक गिरफ्तारी हो चुकी है और तीन की तलाश जारी है. पुलिस इस केस में खालिस्तानी कनेक्शन की भी जांच कर रही है.
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि टूलकिट साजिश में पोएटिक फाउंडेशन शामिल है. दिल्ली पुलिस ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि टूलकिट में गलत जानकारियां दी गई है. पुलिस के अनुसार जनवरी में टूलकिट बनाया गया ताकि आंदोलन को बढ़ाया जा सके. इसे विदेशों में ले जाया सके और विदेशों में भारत के दूतावास को टारगेट किया जा सके.
दिल्ली पुलिस के अनुसार 11 जनवरी को जूम मीटिंग की गई थी. इस मीटिंग में निकिता, शांतनु और दिशा रवि शामिल थे. इस मीटिंग में एमओ धालीवाल भी शामिल हुए थे. इस मीटिंग में ये तय किया गया कि 26 जनवरी से पहले ट्विटर स्टॉर्म पैदा किया जाएगा. पुलिस के अनुसार लगभग 60 से 70 लोग जूम मीटिंग में शामिल हुए.
साइबर सेल के ज्वाइंट सीपी प्रेम नाथ ने कहा कि पुलिस का दावा है कि इस मीटिंग में ट्विटर स्टॉर्म के लिए हैशटैग तय किया गया और पूरी योजना बनाई गई. पुलिस का कहना है कि ये लोग जितना ज्यादा हो सके दुष्प्रचार करना चाहते थे.
पुलिस का दावा है कि दिशा और निकिता के लैपटॉप से आपत्तिजनक सूचनाएं बरामद की गई है.
अभी तक इस मामले में जो तीन नाम सामने आए हैं, उनमें दिशा रवि, निकिता जैकब और शांतनु शामिल हैं.
दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के अधिकारियों ने 21 साल की दिशा रवि को बेंगलुरु से सोलादेवनहल्ली से गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस ने दिशा पर संगीन इल्जाम लगाए हैं. दिशा रवि पुलिस फिलहाल पांच दिन के पुलिस के रिमांड पर हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक:
• देश का माहौल बिगाड़ने के लिए तैयार किए गए टूलकिट की मुख्य साजिशकर्ता दिशा रवि हैं.
• क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने टूलकिट को ट्वीट करने के बाद डिलीट किया था, उसे दिशा रवि ने कई बार एडिट किया था.
• कोर्ट में जब पुलिस रिमांड पर सुनवाई हुई तो दिशा रो पड़ी और उसने कबूल किया कि उसने 2 लाइन एडिट की थी.
• पुलिस ने दिशा का मोबाइल जब्त किया है लेकिन उसका डाटा पहले ही डिलीट किया जा चुका था जिसे अब पुलिस रिट्रीव करेगी.
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस को खालिस्तानी एंगल भी मिला है. पुलिस के मुताबिक, ये खलिस्तानी ग्रुप को दोबारा खड़ा करने की बड़ी साजिश है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिशा और टूलकिट से जुड़े अन्य लोग खालिस्तानी संगठन पोइटिक जस्टिस फाउंडेशन के धालीवाल के संपर्क में थे. हालांकि, दिशा ने धालीवाल या पोइटिक जस्टिस फाउंडेशन से किसी लिंक से इनकार किया है.
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