चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग ने केन्द्रीय बजट में लोक स्वास्थ्य के प्रावधानों पर चर्चा की
भोपाल
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने आज विभागीय अधिकारियों के साथ केन्द्रीय बजट 2021-22 में लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की। चर्चा में स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगामी वर्ष का रोडमैप तैयार करने पर भी मंथन हुआ। मंत्रालय में आयोजित विभागीय बैठक में
अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत वरवड़े एवं उप सचिव सोमेश मिश्रा उपस्थित थे।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की अध्यक्षता में चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ केन्द्रीय बजट 2021-22 में लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रमुख प्रावधानों के संबंध में चर्चा एवं मंथन उपरांत आगामी वर्ष का रोडमैप तैयार करने के लिये चर्चा की गयी।
बैठक में कोविड-19 वैक्सीनेशन के संबंध में प्रदेश के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में टीकाकरण के प्रथम चरण में हेल्थ केयर वर्कर के टीकाकरण को सफलतापूर्वक संपादित करने के बाद वर्तमान में फ्रंट लाइन वर्कर के टीकाकरण के क्रियान्वयन किये जा रहे टीकाकरण सेशन की समीक्षा की गयी।
द्वितीय चरण में प्रदेश के आम नागरिकों के टीकाकरण कार्यक्रम के लिये नागरिकों द्वारा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किये जाने के बाद टीकाकरण किये जाने और नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों पर डायरेक्ट वॉक इन पहुँचने पर टीकाकरण करने संबंधी व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये।
प्रधानमंत्री आत्म-निर्भर भारत योजना में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमताओं को विकसित किये जाने की चर्चा भी की गयी। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) के क्षेत्रीय केन्द्र भोपाल में स्थापित किये जाने के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा और भोपाल जिला कलेक्टर के साथ चर्चा उपरांत 10 एकड़ आवश्यक भूमि का स्थान चिन्हित किया गया। उक्त केन्द्र के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ एण्ड एपीडिमियोलॉजी को स्थापित किये जाने के संबंध में चर्चा की गयी। स्थापित किये जाने वाले केन्द्र को गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण के लिये संबद्ध किये जाने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में बताया गया कि केन्द्रीय बजट में 602 जिलों और 12 केन्द्रीय संस्थानों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान के अंतर्गत हमीदिया अस्पताल में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक स्थापित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य में चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में क्रिटिकल केयर मेडिसिन पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जायेगा। बजट में किये प्रावधान अनुसार प्रदेश में बॉयोकेफ्रटी लेबल-3 की लैब स्थापित किये जाने के लिये तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को स्वीकृति के लिये प्रेषित किये जाने का निर्णय भी लिया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के साउथ ईस्ट एशिया रीजनल ऑफिस के शोध प्लेटफार्म वन हेल्थ को प्रदेश में स्थापित किये जाने की पहल का निर्णय लिया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वन हेल्थ शोध प्लेटफार्म का मुख्य उद्देश्य लोक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी नीति, कार्यक्रम एवं कानून को तैयार कर क्रियान्वित करना है। वन हेल्थ अपरोच के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा, पशुजन्य रोग (जानवरों से मनुष्य में फैलने वाली बीमारियों जैसे फ्लू, रेबीज, रिफ्रट वैली फीवर आदि) की रोकथाम की नीति निर्धारित करने और एंटी बॉयोटिक प्रतिरोध का मुकाबला करने के लिये प्रभावी कार्यक्रम निर्धारित करना है। मध्यप्रदेश का चिकित्सा शिक्षा विभाग वन हेल्थ रिसर्च प्लेटफार्म की स्थापना के लिये राष्ट्रीय संस्थान को प्रदेश में स्थापित करने की पहल करेगा।
बैठक में बताया गया कि बजट-2021 में स्वास्थ्य संस्थानों की मानक मान्यता संस्थानों से मान्यता किये जाने की पहल को प्रदेश के समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध चिकित्सालयों को एनएबीएच (NABH) एवं अस्पतालों में संचालित लेबोरेट्री को एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त करने की कार्यवाही की जायेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस दिशा में पूर्व में ही पहल की जा चुकी है। विभाग द्वारा अस्पतालों में मानक मान्यता के लिये विस्तृत गैप एनालिसिस किया जायेगा।

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