Wednesday, October 21st, 2026

चमोली ग्लेशियर की बजाए नेपाल महाकाली नदी पर बनी झील के फटने की थी आशंका

 बरेली
उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से (Uttarakhand Glacier Burst) भारी तबाही हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना (IAF), SDRF और ITBP के जवान जुटे हुए हैं। इस बीच एक नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट (Rishi ganga power project news) के डैम का हिस्सा टूटने के बाद तबाही का कोई पूर्वानुमान नहीं था। इसकी बजाए नेपाल में झील फटने की आशंका एक दिन पहले जता दी गई थी। अब इसे संयोग कहा जाए या कुदरत का कहर, नेपाल में तो झील नहीं फटी, पड़ोसी उत्तराखंड में ग्लेशियर जरूर टूट गया।

नेपाल से अलर्ट रहने को कहा गया था
असल में, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगे नेपाल के दार्चूला में स्थित महाकाली नदी पर बनी झील के किसी भी समय फटने की आशंका नेपाल की ओर से जताई गई थी। नेपाल के कंचनपुर जिला प्रशासन की ओर से इसकी सूचना लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले को भी भेजी गई थी, क्योंकि नेपाल की यह महाकाली नदी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में शारदा नदी के नाम से जानी जाती है। नेपाल की ओर से लखीमपुरी खीरी के जिला प्रशासन को वॉट्सऐप पर भेजी गई सूचना में सतर्कता बरतने को कहा गया। इसके बाद लखीमपुरी खीरी के एडीएम अरुण कुमार सिंह की ओर से जिले के सभी एसडीएम, सिंचाई विभाग के अधिकारियों और बीडीओ (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) को शारदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट करने का निर्देश दिया गया था।

नहीं फटी झील लेकिन ग्लेशियर टूट गया
अब इस बात की चर्चा हो रही है कि नेपाल में तो महाकाली नदी की झील तो नहीं फटी लेकिन चमोली में ग्लेशियर टूट गया। इसे संयोग भी माना जा रहा है। इन सबके बीच जानकारों का कहना है कि नेपाल में झील टूटने का खतरा अभी भी बकररार है। ऐसे में इसको लेकर अलर्ट भी बरकरार ही रहेगा।

 

 

#चमोली में ग्लेशियर

Source : Agency

पाठको की राय