Wednesday, October 21st, 2026

नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने बहाल की नेपाली संसद,ओली को झटका

काठमांडू

नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में भंग की गई नेपाली संसद को बहाल कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर जेबीआर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने ओली के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अगले 13 दिनों के भीतर सदन सत्र बुलाने का भी आदेश दिया है।


20 दिसंबर को ओली ने भंग की थी नेपाली संसद
20 दिसंबर, 2020 को राष्ट्रपति बिद्या देव भंडारी ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर संसद को भंग कर दिया था। प्रधान मंत्री ओली ने कहा था कि उन्हें संसद भंग करने के लिए मजबूर किया गया था क्योंकि उन्हें अपनी पार्टी के भीतर नेता ठीक से काम करने नहीं दे रहे थे। तब भी नेपाल के कई संविधान विशेषज्ञों ने कहा था कि ओली को संसद भंग करने का अधिकार ही नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं 13 याचिकाएं
ओली के इस तानाशाही फैसले के विरोध में सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्य सचेतक देव प्रसाद गुरुंग सहित कई अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में 13 रिट याचिकाएं दायर की थीं। इन सभी याचिकाओं ने नेपाली संसद के निचले सदन संसद की बहाली की मांग की गई थी। इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है।

 

#केपी शर्मा ओली

Source : Agency

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