चीन 2017 से नहीं कर रहा CPEC की फंडिंग -इमरान खान
इस्लामाबाद
ग्वादर के रास्ते भारत को घेरने का ख्वाब पाल रहे पाकिस्तान को चीन ने तगड़ा झटका दिया है। पाकिस्तान ने संसद में स्वीकार किया है कि चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के अंतर्गत बनने वाले चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की फंडिंग को साल 2017 से ही बंद किया हुआ है। सीपीईसी पर बनी सीनेट की विशेष समिति को इमरान खान सरकार ने बताया है कि चीन के सीपीईसी की फंडिंग बंद करने के कारण कई इंफ्रास्ट्रक्टर के प्रोजक्ट लटके पड़े हुए हैं। ग्वादर में स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट को लेकर भी इस कमेटी ने सरकार को खूब कोसा।
सीपीईसी के नाम पर हुई बस कागजी कार्रवाई
सीनेटर डॉ सिकंदर मंदरू की अध्यक्षता में कमेटी की इस बैठक में सरकार ने बताया कि CPEC परियोजना में पैसे की कमी के कारण खुजदार-बसिमा परियोजना सहित कई प्रोजक्ट में हम अपनी संघीय विकास निधि के पैसे का प्रयोग कर रहे हैं। समिति के सदस्य सीनेटर कबीर अहमद शाही ने कहा कि CPEC पर केवल कागजी कार्रवाई की गई है। मैं पिछले चार सालों से कह रहा हूं कि हम ईरान से बिजली खरीद रहे हैं , इसलिए हमें अपनी खुद की 300 मेगावॉट की परियोजना शुरू करनी चाहिए।
पाकिस्तानी सीनेटर ने ग्वादर पोर्ट को बताया शर्मनाक
पाकिस्तानी सीनेटर कबीर अहमद शाही ने इस परियोजना पर तंज कसते हुए कहा कि इसकी शुरूआत ऐसे की गई जैसे किसी एक टेंट के बाहर किसी चौकीदार को बैठा दिया गया हो। न्यू ग्वादर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चारों तरफ की गई तारबंदी तो शर्मनाक है। दरअसल इस एयरपोर्ट का काम अबतक शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि हमे सब्र रखना होगा, हो सकता है कुछ दिनों में यह सब ठीक हो जाए।

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